1. परिचय: SCO यूनिटी समिट का आगाज़
SCO यूनिटी समिट 2025 में तिआनजिन (चीन) में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन ने भारत, रूस और चीन के बीच रिश्तों को एक नए मुकाम पर पहुँचा दिया। मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग का एक मंच पर आना अपने आप में एक बड़ा संदेश है।
2. मोदी, पुतिन और शी की मुलाकात
सम्मेलन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की गर्मजोशी से हुई मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा। दोनों नेताओं के बीच गले मिलते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। वहीं, मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात ने यह संकेत दिया कि भारत-चीन रिश्तों में नई राह निकल सकती है।

3. भारत-चीन रिश्तों में नई शुरुआत
शी जिनपिंग ने कहा कि “ड्रैगन और एलीफेंट को साथ चलना होगा।” यह बयान इस बात का संकेत है कि दोनों देश सीमाई तनाव को पीछे छोड़कर विकास और सहयोग की ओर बढ़ना चाहते हैं।
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4. रूस-भारत की दोस्ती का संदेश
पुतिन और मोदी की बॉन्डिंग इस समिट की खास झलक रही। रूस और भारत लंबे समय से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। इस मुलाकात ने यह संदेश दिया कि दोनों देश भविष्य में भी एक-दूसरे के मजबूत सहयोगी बने रहेंगे।
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5. वैश्विक संतुलन और बहुध्रुवीय दुनिया
इस बार SCO यूनिटी समिट में सबसे अहम मुद्दा वैश्विक संतुलन रहा। चीन ने बहुध्रुवीय (Multipolar) दुनिया की वकालत की। नई आर्थिक व्यवस्थाओं, ऊर्जा सहयोग और तकनीकी साझेदारी पर जोर दिया गया |
SCO यूनिटी समिट 2025 यह साबित करता है कि भारत, चीन और रूस अब केवल क्षेत्रीय ताकतें नहीं बल्कि वैश्विक व्यवस्था को आकार देने वाले देश बन चुके हैं। यह सम्मेलन आने वाले समय में दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालेगा।



